कांग्रेस की जाति संबधित आपत्ती खारिज…भाजपा मेयर प्रत्याशी एल पद्मजा का नामांकन स्वीकृत…प्रमोद के अधिवक्ता ने कहा …जाएंगे हाईकोर्ट
रिटर्निंग अधिकारी ने शिकायत को किया खारिज

बिलासपुर—- भाजपा प्रत्याशी एल पद्मजा की जाति को लेकर कांग्रेस की तरफ से की गयी शिकायत को रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दिया है। जानकारी देते चलें कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद नायक ने भाजपा प्रत्याशी की जाति को लेकर एक दिन पहले शिकायत दर्ज की थी। मामले में आज यानि बुधवार को सुनवाई हुई। रिटर्निंग अधिकारी आरए कुरूवंशी ने यथोचित प्रमाण पेश नहीं किये जाने पर प्रमोद नायक की आपत्ती को खारिज कर दिया। मतलब एल.पद्मजा के नामांकन पर मुहर लगा दिया है। बहरहाल प्रमोद के वकील ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
बताते चलें कि एक दिन पहले मंगलवार को कांग्रेस मेयर प्रत्याशी प्रमोद नायक रिटर्निंग अधिकारी को शिकायत पत्र दिया। नायक ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी एल पद्मजा की जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। रिटर्निंग अधिकारी ने मामले की सुनवाई बुधवार को शाम पांच बजे करने को कहा। आज यानी बुधवार को सुनवाई हुई। मात्र दस मिनट के अन्दर रिटर्निंग अधिकारी आरए कुरूवंशी ने शिकायत को खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी आरए कुरूवंशी ने जाति प्रमाण पत्र की शिकायत के खिलाफ प्रमोद नायक के वकील से प्रमाण मांगा। वकील ने बताया कि एक दिन पहले हमने एल पद्मजा की जाति का प्रमाण पत्र मांगा था। लेकिन हमें उनका आय के स्रोत का दस्तावेज दिखाया गया। जाति प्रमाण पत्र तेलगु होना बताया गया है। जबकि तेलगु कोई जाति नहीं होती है। वकील प्रदीप राजगीर ने कहा कि उन्हें एल पद्मजा की जाति का सत्यापित प्रमाण पत्र दिया जाए।
रिटर्निंग अधिकारी कुरूवंशी ने कहा कि शिकायत आपकी है। आपको कहा गया था कि दस्तावेज के खिलाफ यदि प्रमाणिक जानकारी हो तो पेश किया जाए। जाति का पता लगाना छानबीन समिति का काम है। इसलिए शिकायत को खारिज किया जाता है।
प्रमोद नायक के वकील प्रदीप राजगीर ने पत्रकारों को बताया कि हमें तमाम स्रोत और तत्थों से जानकारी मिली है कि पद्मजा की जाति छत्तीसगढ़ राज्य में ओबीसी श्रेणी में नहीं आता है।सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी ने पक्षपात किया है। उन पर सिस्टम का दबाव है। लेकिन हम मामले की तह तक जाएँगे । जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
मामला खारिज होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी आर एक कुरूवंशी ने कहा कि शिकायत पक्ष की तरफ से पर्याप्त दस्तवेज पेश नहीं किया गया। मौखिक जानकारी ही दी गयी है। सुनवाई के दौरान पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं किए जाने के मद्द्नेजर शिकायत को खारिज कर दिया गया है।









